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Saturday, 20 February 2016

कुछ facts जो आपकी जिंदगी बदल देंगे

कुछ facts जो आपकी जिंदगी बदल देंगे
नंगे पाँव चलते “इन्सान” को लगता है
कि “चप्पल होते तो क अच्छा होता”
बाद मेँ……….
“साइकिल होती तो कितना अच्छा होता”
उसके बाद में………
“मोपेड होता तो थकान नही लगती”
बाद में………
“मोटर साइकिल होती तो बातो-बातो मेँ
रास्ता कट जाता”
फिर ऐसा लगा की………
“कार होती तो धूप नही लगती”
फिर लगा कि,
“हवाई जहाज होता तो इस ट्रैफिक का झंझट
नही होता”
जब हवाई जहाज में बैठकर नीचे हरे-भरे घास के मैदान
देखता है तो सोचता है,
कि “नंगे पाव घास में चलता तो दिल
को कितनी “तसल्ली” मिलती”…..
” जरुरत के मुताबिक “जिंदगी” जिओ – “ख्वाहिश”….. के
मुताबिक नहीं………
क्योंकि ‘जरुरत’
तो ‘फकीरों’ की भी ‘पूरी’ हो जाती है, और
‘ख्वाहिशें’….. ‘बादशाहों ‘ की भी “अधूरी” रह जाती है”…..
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“जीत” किसके लिए, ‘हार’ किसके लिए
‘ज़िंदगी भर’ ये ‘तकरार’ किसके लिए…
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जो भी ‘आया’ है वो ‘जायेगा’ एक दिन
फिर ये इतना “अहंकार” किसके लिए…
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ए बुरे वक़्त !
ज़रा “अदब” से पेश आ !!
“वक़्त” ही कितना लगता है
“वक़्त” बदलने में………
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मिली थी ‘जिन्दगी’ , किसी के
‘काम’ आने के लिए…..
पर ‘वक्त’ बीत रहा है , “कागज” के “टुकड़े” “कमाने” के लिए………



"खुश रहने वाले लोगों की कुछ विशेष आदतें
१ - अच्छाई खोजते हैं बुराई नहीं
२ - क्षमा करना जानते हैं और क्षमा माँगना भी
३ - अपने मन का काम करते हैं या जो काम करते हैं उसमे मन लगाते हैं
४ - हर उस बात पर यकीन नहीं करते जो उनके दिमाग में आती हैं
५ - अपने जीवन या काम को किसी बड़े उद्देश्य से जोड़ कर देखते हैं
६ - अपने जीवन में होने वाली चीजों के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हैं...!!!"
•√.हम जानते हैं ये सब अच्छे गुण आप में हैं...


आज इंसान के लिए खुशी ढूँढ़ना मानो रेगिस्तान में पानी तलाशने जैसा हो गया है। किसी को देने के लिए इंसान के पास खुशी रह ही नहीं गयी है। आज खासकर बड़े शहरों में लोग जैसी भाग-दौड़ वाली ज़िंदगी जी रहे हैं, उससे वे एक-दूसरे से दूर होकर खुद में सिमटकर रह गए हैं।
“अकेलापन महसूस करना आज एक आम बात है और इसमें दो राय नहीं कि ईंट-पत्थरों की इमारतों के बीच अकेलापन पसरा हुआ है। अपने साथ काम करनेवालों, पड़ोसियों या घर के पासवाले दुकानदार से हमारा रोज़ मिलना तो होता है लेकिन शहरी ज़िंदगी हमें इस कदर नीरस बना देती है कि ये सभी हमारे लिए अजनबी बनकर रह जाते हैं। हमें पता ही नहीं होता कि उनकी ‪#‎ज़िंदगी‬ में क्या हो रहा है।” इस तरह कटे-कटे रहने से लोग हताशा की गिरफ्त में आ जाते हैं।

सभी 'इंसान' हैं,
मगर फर्क सिर्फ इतना है...
कुछ जख्म देते हैं
कुछ जख्म भरते हैं..!!
.
.
'हमसफर' बहुत हैं
मगर फर्क सिर्फ इतना है...
कुछ साथ देते हैं;
कुछ साथ छोड़ देते हैं..!!
.
.
'प्यार' सभी करते हैं
मगर फर्क सिर्फ इतना है...
कुछ जान देते हैं
कुछ जान लेते हैं..!!
.
.
'दोस्ती' सभी करते हैं
मगर फर्क सिर्फ इतना है...
कुछ लोग ‪#‎निभाते‬ हैं;
कुछ लोग आजमाते हैं..!! असफलता एक चुनौती है
इसे स्वीकार करो...
क्या कमी रह गई
देखो और सुधार करो..!!
.
जब तक सफल न हो
नींद चैन को त्यागो तुम...
संघर्ष का मैदान छोड़कर
ऐसे मत भागो तुम..!!
.
कुछ किये बिना ही
जय जयकार नही होती...
कोशिश करने वालों की
कभी ‪#‎हार‬ नही होती.
आज का सुविचार :-
काबू में रखें - प्रार्थना के वक़्त अपने दिल को,
काबू में रखें - खाना खाते समय पेट को,
काबू में रखें - किसी के घर जाएं तो आँखों को,
काबू में रखें - महफ़िल मे जाएं तो ज़बान को,
काबू में रखें - पराया धन देखें तो लालच को,
भूल जाएं - अपनी नेकियों को,
भूल जाएं - दूसरों की गलतियों को,
भूल जाएं - अतीत के कड़वे संस्मरणों को,
छोड दें - दूसरों को नीचा दिखाना,
छोड दें - दूसरों की सफलता से जलना,
छोड दें - दूसरों के धन की चाह रखना,
छोड दें - दूसरों की चुगली करना,
छोड दें - दूसरों की सफलता पर दुखी होना