Saturday, 11 June 2016

क्‍या आप खुश रहना चाहते हैं?

मानव मन हमेशा से हमारे लिए एक जिज्ञासा का विषय रहा है। फ्रायड के समय से ही इसको लेकर तरह - तरह के शोध और निष्‍कर्ष निकाले जाते रहे हैं, जिनपर वाद विवाद भी होते रहे हैं। किन्‍तु इसके बावजूद इससे जुडे तरह - तरह के अध्‍ययन हमारे सामने लगातार आ रहे हैं। ऐसा ही एक रोचक अध्‍ययन हाल ही में हमारे सामने आया है, जिसमें यह बताया गया है कि हम जिस तरह के माहौल में रहते हैं, जिनसे मिलते जुलते हैं, स्‍वयं भी बहुत हद तक वैसा ही बन जाते हैं।

हो सकता है आपने स्‍वयं ही ऐसा महसूस किया हो कि फलां व्‍यक्ति से मिलने के बाद आप खासे उद्विग्‍न हो जाते हैं और फलां व्‍यक्ति से मिलने के बाद काफी प्रसन्‍नचित्‍त हो जाते हैं। हो सकता है कि कभी आपको लगा हो कि यह आपका भ्रम है, और आप इस बात को टाल गये हों। पर नहीं जनाब, आप उस वक्‍त सौ प्रतिशत सही थे।

हाल में हुए तमाम तरह के शोध यह बताते हैं कि प्रसन्‍नता, दुख, निराशा, धुम्रपान, एल्‍कोहल सेवन, खाना – पीना, रहन - सहन, सेहत और यहॉं कि कि आत्‍महत्‍या करने का विचार तक हमारे वातावरण से जुडे होते हैं। मशहूर मनोवैज्ञानिक क्रिस्‍टॉकिस का साफ - साफ कहना है कि जो लोग खुशमिजाज लोगों के साथ रहते हैं, वे दूसरों की तुलना में ज्‍यादा खुश रहते हैं।

हालॉंकि हमारे मन में उठने वाले भावों में काफी दखल हमारे जीन्‍स भी रखते हैं, क्‍योंकि उनके द्वारा ही हमारे मस्तिष्‍क में भावनाओं को नियंत्रित करने वाले रसायन श्रावित होते हैं, लेकिन उन मस्तिष्‍क को उददीपित करने में निसंहेद माहौल का बहुत बडा असर होता है। इसलिए आप अपने आसपास के माहौल को एक बार टटोलें और अपने सम्‍पर्क में आने वाले लोगों को उनके व्‍यवहार सकारात्‍मक एवं नकारात्‍मकता के आधार पर चिन्हित करके एक लिस्‍ट बनालें। जो लोग आपके प्रति सकारात्‍मक सोच रखते हैं, आपको नये कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं, उत्‍साहवर्द्धक बातें करते हैं, कोशिश करें कि आप उन्‍हीं लोगों के साथ ज्‍यादा से ज्‍यादा वक्‍त बताएं। और जो लोग हमेशा आलोचना करते हैं, दूसरों की कमियॉं निकालते हैं, आगे बढने से रोकते हैं, उन लोगों से सावधान हो जाएँ। उनके साथ भविष्‍य में आपको कैसा व्‍यवहार करना है, इस बारे में आप गम्‍भीरतापूर्वक सोच - समझ कर निर्णय लें। क्‍योंकि यह जीवन आपका है, यह बहुत कीमती है और यह बार - बार नहीं मिलने वाला है।

इसके अलावा यदि आप नीचे बताई गयी कुछ छोटी - छोटी बातों पर भी ध्‍यान दें, तो आपका जीवन पहले से अधिक आनन्‍दमय हो सकता है:-

-प्रतिदिन अपने दिन भर से प्रोग्राम में से कुछ समय अपने लिए निकालें और अपने मनपसंद काम करें, जैसे किताब पढना, गाने सुनना, अच्‍छी डिश खाना, मनपसंद लोगों से मिलना, मनपसंद लोगों को फोन करना। -आपके आसपास जो भी अच्‍छा हो, सुन्‍दर हो, उसकी खुले मन से तारीफ करें। इससे आपके सम्‍बंधी/मित्र खुश होंगे और आपके बारे में भी उनके मन में अच्‍छे विचार पनपेंगें।
-जब भी समय मिले, गुदगुदाने वाले प्रोग्राम और फिल्‍में देखें। जब कभी परेशान हों, कुछ समय के लिए सब कुछ भूलकर अपनी मनपसंद जगह पर घूमने चले जाएं अथवा अपना मन पसंद खाना खाएं।
-समय मिलने पर अपने व्‍यवहार के बारे में विचार करें और सकारात्‍मक चीजों को याद करें।
-अपनी दिनचर्या में कुछ समय शारीरिक व्‍यायाम के लिए अवश्‍य निकालें। चाहें तो सिर्फ जॉगिंग करें, अथवा पैदल टहलें।
-स्‍वयं को अकेलेपन की कैद में जाने से बचाएं। लोगों से सम्‍बंध बनाएं और उन्‍हें सच्‍चे मन से निभाऍं।

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